लिथियम और निकल के उत्पादन को बढ़ावा देगी सरकार, ₹2,814 करोड़ की योजना को मंजूरी
नई दिल्ली, 8 नवंबर 2026: भारत को लिथियम और निकल जैसे महत्वपूर्ण खनिजों के लिए दूसरे देशों पर निर्भरता कम करने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इन खनिजों की घरेलू प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ाने के लिए ₹2,814 करोड़ की योजना को मंजूरी दी है। यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पांच साल चलेगी।
चार प्रोसेसिंग प्लांट लगाने की योजना
सरकारी योजना के तहत देश में कुल चार प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित किए जाएंगे। इनमें लिथियम के दो और निकल के दो प्लांट शामिल होंगे। प्रत्येक लिथियम प्लांट की न्यूनतम क्षमता 30 हजार टन और प्रत्येक निकल प्लांट की न्यूनतम क्षमता 50 हजार टन रखी गई है।
निवेश पर मिलेगी 30 प्रतिशत सहायता
योजना के तहत पात्र निवेश पर 30 प्रतिशत पूंजीगत सब्सिडी दी जाएगी। एक लिथियम प्लांट के लिए अधिकतम ₹500 करोड़ और एक निकल प्लांट के लिए अधिकतम ₹900 करोड़ की सहायता तय की गई है। लाभार्थियों का चयन तकनीकी योग्यता और उसके बाद वित्तीय बोली के आधार पर किया जाएगा।
सरकार के मुताबिक, सहायता राशि एक साथ नहीं बल्कि परियोजना की प्रगति के अनुसार तीन चरणों में जारी होगी। चयनित कंपनियों को तय समयसीमा में प्लांट चालू करना होगा।
भारत के लिए क्यों जरूरी हैं ये खनिज?
लिथियम का इस्तेमाल मोबाइल फोन, इलेक्ट्रिक वाहन और बैटरी स्टोरेज में होता है। निकल का उपयोग बैटरी, स्टील और कई औद्योगिक उत्पादों में किया जाता है। इन खनिजों के प्रसंस्करण की वैश्विक क्षमता कुछ देशों में केंद्रित है। ऐसे में घरेलू प्लांट बनने से भारत की आपूर्ति व्यवस्था मजबूत हो सकती है और आयात पर निर्भरता घटाने में मदद मिल सकती है।
यह योजना केवल प्लांट लगाने तक सीमित नहीं है। इससे बैटरी, इलेक्ट्रिक वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स और रक्षा जैसे क्षेत्रों को भी लंबे समय में लाभ मिलने की उम्मीद है। हालांकि, इसका वास्तविक असर परियोजनाओं के समय पर पूरा होने और उत्पादन शुरू होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
स्रोत: पत्र सूचना कार्यालय (PIB) – केंद्रीय मंत्रिमंडल का निर्णय
RiseIndia24 डेस्क
11 total views

