कैंसर की 1,031 दवा फॉर्मूलेशन के दाम 9 नवंबर से घटेंगे, सालाना ₹3,502 करोड़ बचत का अनुमान
नई दिल्ली, 8 नवंबर 2026 | RiseIndia24 डेस्क
कैंसर के इलाज पर होने वाला खर्च कई परिवारों के लिए बड़ी चिंता रहता है। ऐसे मरीजों को सोमवार, 9 नवंबर से कुछ राहत मिल सकती है। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने 137 कैंसर रोधी दवाओं पर अधिकतम व्यापार मार्जिन 30 प्रतिशत तय किया है। इसके बाद कई दवाओं के नए अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) लागू होंगे। सरकार का अनुमान है कि इस बदलाव से मरीजों और उपभोक्ताओं को सालाना करीब ₹3,502.31 करोड़ की बचत हो सकती है।
कितनी दवाओं के दाम घटे?
औषधि विभाग के 7 नवंबर के बयान के अनुसार, 76 दवा कंपनियों ने 1,225 कैंसर रोधी दवा फॉर्मूलेशन के संशोधित एमआरपी की जानकारी दी है। ये फॉर्मूलेशन 121 दवाओं से जुड़े हैं। इनमें से 1,031 फॉर्मूलेशन के दाम कम हुए हैं। 600 ब्रांड में कीमतों की कमी 50 प्रतिशत से अधिक बताई गई है। सबसे ज्यादा कमी 96.45 प्रतिशत दर्ज की गई।
कुछ दवाओं के उदाहरण से बदलाव को समझा जा सकता है। बीवैसिजुमैब 100 एमजी इंजेक्शन के एक ब्रांड ब्रायक्स्टा का एमआरपी ₹25,995 से घटकर ₹3,318 बताया गया है। वहीं, प्रोस्टेट कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली अबिराटेरोन एसीटेट 250 एमजी टैबलेट के ब्रांड अबिरोन का एमआरपी ₹41,250 से घटकर ₹3,218.23 हुआ है। एक ही दवा के अलग-अलग ब्रांड की कीमतें अलग हो सकती हैं।
30 प्रतिशत की सीमा का क्या मतलब है?
यह फैसला सभी कैंसर दवाओं पर एक जैसी 30 प्रतिशत छूट देने का आदेश नहीं है। एनपीपीए ने चुनी गई गैर-अनुसूचित कैंसर दवाओं की बिक्री में जुड़ने वाले व्यापार मार्जिन की अधिकतम सीमा तय की है। इसी व्यवस्था के तहत कंपनियों ने संशोधित एमआरपी की जानकारी दी है। इसलिए हर दवा और हर ब्रांड में कीमत की कमी एक जैसी नहीं होगी।
137 दवाओं की सूची में से करीब 10 से 15 दवाएं अभी भारत में बाजार में उपलब्ध नहीं हैं। सरकार के मुताबिक, जब ये दवाएं भारत में बिक्री के लिए आएंगी, तब उन पर भी यह व्यवस्था लागू होगी।
मरीज नई कीमत कैसे जांचें?
9 नवंबर से दवा खरीदते समय पैक पर छपा एमआरपी और दुकान या अस्पताल की बिलिंग जरूर जांचें। खुदरा विक्रेता, डीलर, अस्पताल और चिकित्सा संस्थानों को संशोधित एमआरपी सूची प्रमुखता से प्रदर्शित करनी होगी। मरीज दवाओं की कीमत एनपीपीए की आधिकारिक वेबसाइट और ‘फार्मा सही दाम’ मोबाइल ऐप पर भी देख सकते हैं। कीमत संबंधी शिकायत के लिए एनपीपीए की हेल्पलाइन 1800-11-1255 जारी की गई है।
किसी दवा का ब्रांड या खुराक केवल कीमत देखकर न बदलें। इलाज कर रहे डॉक्टर से सलाह लेकर ही दवा खरीदें। अगर बिल में संशोधित एमआरपी से अधिक रकम ली जाती है, तो बिल सुरक्षित रखें और संबंधित प्राधिकरण को शिकायत करें।
कैंसर मरीजों के लिए क्यों अहम है यह फैसला?
कैंसर का इलाज कई बार लंबे समय तक चलता है और दवाओं पर नियमित खर्च करना पड़ता है। इसलिए कुछ जरूरी दवाओं की कीमत कम होने से परिवारों का आर्थिक बोझ घट सकता है। हालांकि वास्तविक बचत मरीज की बीमारी, डॉक्टर द्वारा लिखी गई दवा, ब्रांड और उपचार की अवधि पर निर्भर करेगी। ₹3,502.31 करोड़ की बचत सरकार का सालाना अनुमान है, हर मरीज को मिलने वाली तय राशि नहीं।
राष्ट्रीय खबरों की अन्य अपडेट के लिए RiseIndia24 का राष्ट्रीय समाचार पृष्ठ देखें।
मूल स्रोत
पत्र सूचना कार्यालय: कैंसर रोधी दवाओं की संशोधित कीमतें 9 नवंबर से लागू।
8 total views

