मंगल ग्रह पर किडनी बीन के आकार के रेत के टीलों का चला पता, जीवन के मिल सकते हैं संकेत
नासा के Mars Reconnaissance Orbiter (MRO) ने हाल ही में मंगल ग्रह की सतह की एक शानदार तस्वीर खींची है, जिसमें उत्तरी गोलार्ध में किडनी बीन के आकार के जम हुए रेत के टीले दिख रहे हैं। यह फोटो सितंबर 2022 में ली गई थी और हाल ही में सार्वजनिक की गई। वैज्ञानिकों का मानना है कि इस तस्वीर से यह पता चल सकता है कि क्या मंगल पर कभी जीवन के अस्तित्व के लिए अनुकूल स्थितियाँ रही होंगी।
धरती पर रेत के टीलों के विपरीत जो हमेशा चलते रहते हैं, मंगल के ये किडनी बीन आकार के टीले स्थिर दिखते हैं। नासा के अनुसार, ये टीले मंगल की सर्दियों में कार्बन डाइऑक्साइड के फ्रॉस्ट से ढंके होते हैं। जब मंगल के ध्रुवों पर तापमान -123 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाता है, तब यहां बर्फबारी और फ्रॉस्ट बनने की आदर्श स्थिति बनती है। इस समय, मंगल पर बर्फ दो रूपों में होती है: पानी की बर्फ और ठंडी कार्बन डाइऑक्साइड बर्फ (ड्राई आइस)।
यह फ्रॉस्ट रेत को उड़ने से रोकता है और टीलों को उनके स्थान पर स्थिर बनाए रखता है, जब तक वसंत में बर्फ न पिघल जाए। कार्बन डाइऑक्साइड फ्रॉस्ट के बदलावों का अध्ययन करने से मंगल के पिछले मौसम के बारे में अधिक जानकारी मिल सकती है।
क्या मंगल पर जीवन हो सकता था?
वैज्ञानिकों का मानना है कि मंगल पर जीवन की संभावना के बारे में कई महत्वपूर्ण संकेत मिल सकते हैं। पिछले साल अक्टूबर में एक नासा अध्ययन ने सुझाव दिया था कि माइक्रोब्स (सूक्ष्मजीव) मंगल की सतह के नीचे जमी हुई बर्फ में रहने के लिए एक संभावित घर पा सकते हैं। वैज्ञानिकों ने यह पाया कि बर्फ के नीचे पिघले पानी में पर्याप्त सूर्य की रोशनी पहुंच सकती है, जो प्रकाश संश्लेषण (photosynthesis) को संभव बना सकती है।
इसके बाद, हार्वर्ड विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने एक और अध्ययन में बताया कि मंगल का चुंबकीय क्षेत्र, जो जीवन को सहारा दे सकता था, पहले अनुमानित से अधिक समय तक सक्रिय रहा हो सकता है। यह दिखाता है कि मंगल ग्रह पर जीवन का अस्तित्व होने के लिए जरूरी स्थितियाँ कहीं न कहीं मौजूद हो सकती थीं।
अगर यह सभी संकेत सही साबित होते हैं, तो मंगल ग्रह का वातावरण जीवन के लिए एक उपयुक्त स्थान हो सकता था, और भविष्य में मंगल पर जीवन के संकेत मिलने की संभावना को और बढ़ा सकता है।
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