खामेनेई के निधन के बाद हिंसा भड़की, दिल्ली से श्रीनगर तक हाई अलर्ट
कराची से लेकर कश्मीर और दिल्ली तक, ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर के बाद हालात तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं।
पाकिस्तान के कराची स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर रविवार को भारी बवाल हुआ। प्रदर्शनकारियों ने दूतावास परिसर में घुसने की कोशिश की, जिसके बाद अंदर से फायरिंग की गई। अब तक 23 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है, जबकि 10 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। इस प्रदर्शन की अगुवाई इमामिया छात्र संगठन ने की थी।
भारत में भी इसका असर देखने को मिला। शिया समुदाय के लोगों ने कई शहरों में सड़क पर उतरकर विरोध दर्ज कराया। जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में तनावपूर्ण स्थिति के चलते कर्फ्यू जैसे हालात बन गए हैं। श्रीनगर के लाल चौक पर बैरिकेडिंग की गई है और अतिरिक्त सुरक्षाबल तैनात किए गए हैं। एहतियात के तौर पर इंटरनेट सेवाएं भी अस्थायी रूप से बंद कर दी गईं।
इस बीच अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव को लेकर भारत सरकार भी सतर्क हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर रविवार रात करीब 9:30 बजे उच्चस्तरीय सुरक्षा बैठक हुई। बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सीडीएस जनरल अनिल चौहान और वित्त मंत्री सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
बैठक में पश्चिम एशिया में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, वहां फंसे लोगों की संभावित निकासी और हालात बिगड़ने की स्थिति में रणनीति पर चर्चा की गई। फिलहाल पश्चिम एशिया के कई हिस्सों में एयरस्पेस बंद होने से आवाजाही प्रभावित है।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी कि उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बातचीत की। भारत ने यूएई पर हुए हमलों की निंदा की है और कठिन समय में साथ खड़े रहने का भरोसा दिया है। साथ ही भारत ने इजराइल में नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए तनाव कम करने और शांति बहाली पर जोर दिया है।
आंकड़ों के मुताबिक ईरान में लगभग 10 हजार भारतीय नागरिक रह रहे हैं, जो वहां पढ़ाई या काम कर रहे हैं। इजराइल में 40 हजार से अधिक भारतीय हैं, जबकि पूरे खाड़ी और पश्चिम एशिया क्षेत्र में करीब 90 लाख भारतीय बसे हुए हैं।
एयरस्पेस बंद होने का असर भारत में भी दिखा। 1 मार्च को घरेलू एयरलाइंस की 350 से ज्यादा उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी उड़ान की स्थिति की लगातार जांच करते रहें।
मध्य पूर्व के कई देशों में भारतीय दूतावासों ने एडवाइजरी जारी की है। कुवैत में भारतीय राजदूत परमिता त्रिपाठी ने भारतीय समुदाय के प्रमुख सदस्यों और संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ वर्चुअल बैठक की। कुवैत के अलावा ऑस्ट्रिया, ओमान और लेबनान में भारतीय मिशनों ने भी वहां मौजूद भारतीयों को सतर्क रहने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।
राजधानी दिल्ली में भी विरोध प्रदर्शनों के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। संवेदनशील इलाकों, खासकर राजनयिक मिशनों और शिया बहुल क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
कुल मिलाकर, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर पाकिस्तान से भारत तक महसूस किया जा रहा है। सरकारें अपने-अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटी हैं, जबकि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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