डिजिटल पेमेंट कंपनियों की साइबर सुरक्षा पर RBI सख्त, नए नियमों में डेटा और सिस्टम सुरक्षा पर जोर
नई दिल्ली, 8 नवंबर 2026 | RiseIndia24 डेस्क
मोबाइल और ऑनलाइन भुगतान बढ़ने के साथ डिजिटल लेनदेन की सुरक्षा भी अहम हो गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने अधिकृत गैर-बैंक पेमेंट सिस्टम ऑपरेटरों के लिए साइबर सुरक्षा और डिजिटल भुगतान से जुड़े नए मास्टर निर्देश जारी किए हैं। ये निर्देश 5 नवंबर 2026 को जारी किए गए। इनमें कंपनियों के डेटा, नेटवर्क, मोबाइल भुगतान, कार्ड भुगतान और तकनीकी प्रणालियों की सुरक्षा को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
नए निर्देश किन पर लागू होंगे?
आरबीआई के ये निर्देश सभी अधिकृत गैर-बैंक पेमेंट सिस्टम ऑपरेटरों पर लागू होंगे। इसमें ऐसे संस्थान आते हैं जो नियामकीय अनुमति के तहत भुगतान प्रणाली चलाते हैं। उनके साथ काम करने वाले भुगतान गेटवे, तकनीकी सेवा प्रदाता, विक्रेता और अन्य बाहरी साझेदारों से जुड़े जोखिमों पर भी ऑपरेटरों को ध्यान देना होगा। कंपनियों को इन साझेदारों के लिए सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारियां और नियम तय करने होंगे।
कंपनियों को क्या बदलाव करने होंगे?
नए मास्टर निर्देशों में साइबर जोखिम की पहचान, उसका आकलन और लगातार निगरानी करने की व्यवस्था पर जोर दिया गया है। कंपनियों के निदेशक मंडल को सूचना और साइबर सुरक्षा से जुड़े जोखिमों की निगरानी करनी होगी। उन्हें बोर्ड से मंजूर सूचना सुरक्षा नीति बनानी होगी और उसकी कम से कम साल में एक बार समीक्षा करनी होगी।
इसके अलावा कंपनियों को साइबर हमले की स्थिति से निपटने, नुकसान सीमित करने और सेवाएं फिर शुरू करने के लिए अलग साइबर संकट प्रबंधन योजना तैयार करनी होगी। निर्देशों में नेटवर्क सुरक्षा, ऐप की जांच, डेटा सुरक्षा, कर्मचारियों की पहुंच पर नियंत्रण, बाहरी सेवा प्रदाताओं के जोखिम, सॉफ्टवेयर अपडेट, सुरक्षा परीक्षण और क्लाउड सेवाओं की सुरक्षा जैसे विषय भी शामिल हैं।
आरबीआई ने मोबाइल भुगतान, कार्ड भुगतान और प्रीपेड भुगतान साधनों की सुरक्षा से जुड़े उपायों को भी एक ही संदर्भ दस्तावेज में समेटा है। पहले जारी कुछ अलग-अलग निर्देशों को इस नए मास्टर निर्देश में एक साथ रखा गया है। पुराने कार्ड, प्रीपेड भुगतान और मोबाइल बैंकिंग सुरक्षा निर्देश भी लागू रहेंगे; किसी अंतर की स्थिति में नए मास्टर निर्देश को प्राथमिकता दी जाएगी।
नियम कब से लागू होंगे?
आरबीआई के अनुसार, बड़े और मध्यम आकार के गैर-बैंक पेमेंट ऑपरेटरों के लिए ये निर्देश आधिकारिक वेबसाइट पर जारी होने के दिन से लागू होंगे। छोटे गैर-बैंक पेमेंट ऑपरेटरों को इन निर्देशों का पालन 1 अप्रैल 2028 से करना होगा। इस तरह छोटे संस्थानों को अपनी तकनीकी और सुरक्षा व्यवस्था तैयार करने के लिए अतिरिक्त समय दिया गया है।
आम ग्राहकों के लिए इसका क्या मतलब है?
इन नियमों का सीधा पालन भुगतान कंपनियों और संबंधित संस्थानों को करना है। ग्राहकों को केवल इस आदेश के कारण कोई नया ऐप डाउनलोड करने या बैंक विवरण बदलने की जरूरत नहीं है। फिर भी डिजिटल भुगतान करते समय सावधानी जरूरी है। अपना ओटीपी, यूपीआई पिन या पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें और अनजान लिंक पर भुगतान संबंधी जानकारी न भरें।
आरबीआई की साइबर धोखाधड़ी रोकने से जुड़ी एक अन्य पहल पर RiseIndia24 की पिछली रिपोर्ट यहां पढ़ें। अन्य आर्थिक खबरों के लिए बिजनेस समाचार पृष्ठ देखें।
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