AI साइबर हमलों से निपटने की तैयारी, Jio-Airtel समेत टेलीकॉम कंपनियों के साथ सरकार की चर्चा
नई दिल्ली: कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की मदद से होने वाले साइबर हमलों का खतरा बढ़ने के बीच दूरसंचार विभाग (DoT) ने देश की प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों के साथ नेटवर्क सुरक्षा मजबूत करने पर चर्चा की है। इन बैठकों में रिलायंस जियो, भारती एयरटेल, वोडाफोन आइडिया और सरकारी कंपनी BSNL शामिल हैं।
क्यों बढ़ी चिंता?
AI आधारित औजारों से साइबर अपराधी नेटवर्क की कमजोरियों की पहचान और उनका फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं। दूरसंचार नेटवर्क केवल मोबाइल कॉल और इंटरनेट तक सीमित नहीं हैं। बैंकिंग, डिजिटल भुगतान, सरकारी सेवाओं और कारोबार का बड़ा हिस्सा इन्हीं नेटवर्क पर निर्भर करता है। इसलिए नेटवर्क में सेंध का असर बड़ी संख्या में लोगों और संस्थानों पर पड़ सकता है।
सरकार और कंपनियों के बीच क्या चर्चा हुई?
Business Standard की रिपोर्ट के अनुसार, दूरसंचार विभाग ने टेलीकॉम ऑपरेटरों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे से जुड़े प्रदाताओं के साथ तीन से चार दौर की चर्चा की है। इन बैठकों में मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था, फायरवॉल और भविष्य में सुरक्षा को और मजबूत करने के उपायों की समीक्षा की गई।
CERT-In की चेतावनी और AI सुरक्षा दिशानिर्देश
भारत की साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In ने AI एजेंट और स्वचालित औजारों के जरिए कमजोरियों की तलाश तथा संभावित हमलों को लेकर चेतावनी दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, 4 नवंबर को AI सिस्टम की सुरक्षा जांच और निगरानी के लिए दिशानिर्देश भी जारी किए गए। इसका उद्देश्य सरकारी और निजी संस्थानों में इस्तेमाल हो रहे AI सिस्टम के जोखिम का आकलन करना है।
मोबाइल और इंटरनेट उपयोगकर्ताओं के लिए क्या मायने?
नेटवर्क सुरक्षा मजबूत होने से डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन बैंकिंग, मोबाइल सेवाओं और सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म की सुरक्षा बेहतर करने में मदद मिल सकती है। आम उपयोगकर्ताओं को भी अनजान लिंक, संदिग्ध ऐप और OTP साझा करने से बचना चाहिए। मजबूत पासवर्ड और दो-स्तरीय सुरक्षा अपनाना भी जरूरी है।
फिलहाल विभाग और कंपनियों के बीच सुरक्षा उपायों पर चर्चा जारी है। इसे किसी खास टेलीकॉम कंपनी पर साइबर हमले की पुष्टि नहीं समझना चाहिए।
स्रोत: Business Standard
RiseIndia24 डेस्क | 8 नवंबर 2026
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