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ओडिशा में स्कूल-कॉलेजों के 500 मीटर दायरे को नशामुक्त बनाने की योजना


भुवनेश्वर: ओडिशा सरकार राज्य के स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों के आसपास 500 मीटर के दायरे को नशामुक्त क्षेत्र बनाने की तैयारी कर रही है। इस प्रस्तावित योजना में छात्रावासों को भी शामिल किया जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों की उपलब्धता और दुरुपयोग से बचाना है।

हर संस्थान में बनेंगी दो समितियां

विकास आयुक्त एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव देव रंजन कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में कार्ययोजना पर चर्चा की गई। प्रस्ताव के अनुसार, हर शैक्षणिक संस्थान में ड्रग-फ्री कैंपस समिति और मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण समिति बनाई जाएगी। संस्थानों में नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे और विद्यार्थियों में जागरूकता फैलाने के लिए छात्र प्रतिनिधि चुने जाएंगे।

पुलिस और आबकारी विभाग करेंगे नियमित जांच

प्रस्तावित व्यवस्था के तहत पुलिस और आबकारी विभाग शैक्षणिक संस्थानों के आसपास नियमित निरीक्षण करेंगे। 500 मीटर के दायरे में नशीले पदार्थों की बिक्री या वितरण पाए जाने पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। संस्थानों में नशामुक्त क्षेत्र के सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे। शिकायत पेटियां और ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की सुविधा भी शुरू करने की योजना है।

जागरूकता कार्यक्रमों के साथ विद्यार्थियों को योग, खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों और जीवन-कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने की योजना है। सरकार का जोर केवल सजा देने पर नहीं, बल्कि नशे की समस्या से जूझ रहे विद्यार्थियों को काउंसलिंग, इलाज और पुनर्वास सहायता उपलब्ध कराने पर भी है।

मासिक रिपोर्ट और ‘ड्रग-फ्री कैंपस’ प्रमाणपत्र

संस्थानों से हर महीने अनुपालन रिपोर्ट लेने और तय मानकों को पूरा करने वाले परिसरों को ‘ड्रग-फ्री कैंपस’ प्रमाणपत्र देने का प्रस्ताव है। योजना को पूरे राज्य में एक समान तरीके से लागू करने के लिए अलग दिशा-निर्देश तैयार किए जाएंगे। फिलहाल यह प्रस्तावित कार्ययोजना है; अंतिम दिशा-निर्देश जारी होने के बाद ही इसकी पूरी प्रक्रिया स्पष्ट होगी।

स्रोत: The New Indian Express | The Statesman | OrissaPOST

RiseIndia24 डेस्क | 8 नवंबर 2026

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