ओडिशा को खनन मामले में सुप्रीम कोर्ट से आंशिक राहत, हाईकोर्ट के आदेश में बदलाव
भुवनेश्वर: खनन से जुड़े एक मामले में ओडिशा सरकार को सुप्रीम कोर्ट से आंशिक राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने ओडिशा हाईकोर्ट के पहले के आदेश में बदलाव करते हुए राज्य सरकार को खनिज संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के लिए कानून के अनुसार प्रयास करने का निर्देश दिया है।
यह मामला राज्य में लौह अयस्क खदानों से निर्धारित क्षमता के अनुसार उत्पादन नहीं होने से जुड़ा है। हाईकोर्ट ने पहले निर्देश दिया था कि यदि खदान संचालक तय मात्रा में खनिज नहीं निकालते हैं, तो राज्य सरकार संबंधित नियम के तहत NMDC के माध्यम से खनिजों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करे।
ओडिशा सरकार ने इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई कि खनिज रियायत नियम, 2016 का संबंधित प्रावधान अनिवार्य नहीं है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की याचिका को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए हाईकोर्ट के निर्देश में बदलाव किया।
अदालत ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार को लागू नियमों के अनुसार खदानों के बेहतर उपयोग के लिए प्रयास करने होंगे। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, ओडिशा में लौह अयस्क खदानों की स्वीकृत उत्पादन क्षमता करीब 246 मिलियन टन सालाना है, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में वास्तविक उत्पादन लगभग 159 मिलियन टन रहा था।
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