भारत के सेमीकंडक्टर मिशन को नई रफ्तार: Semicon 2.0 पोर्टल शुरू, 12 परियोजनाओं में ₹7,503 करोड़ निवेश
नई दिल्ली, 8 नवंबर 2026 | RiseIndia24 डेस्क
भारत में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण को बढ़ावा देने की कोशिशों को नई गति मिली है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 6 नवंबर को Semicon 2.0 का वेब एप्लिकेशन पोर्टल शुरू किया। इसी कार्यक्रम में इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (ECMS) के तहत 12 नए आवेदनों को मंजूरी देने की घोषणा भी की गई। इन परियोजनाओं में ₹7,503 करोड़ के निवेश और 7,127 प्रत्यक्ष रोजगार अवसरों का अनुमान है।
Semicon 2.0 पोर्टल में क्या नया है?
सरकार ने Semicon 2.0 के छह प्रमुख क्षेत्रों में से तीन के लिए आवेदन शुरू किए हैं। इनमें मशीनें और सामग्री, नई चिप निर्माण इकाइयां तथा चिप की पैकेजिंग और जांच से जुड़ा उद्योग शामिल है। बाकी क्षेत्रों में चिप डिजाइन, अनुसंधान एवं विकास और कुशल प्रतिभा तैयार करना शामिल हैं। इस कार्यक्रम के लिए केंद्र सरकार ने ₹1,27,500 करोड़ का वित्तीय प्रावधान मंजूर किया है।
इस पोर्टल का उद्देश्य कंपनियों को आवेदन और परियोजना प्रस्ताव जमा करने के लिए एक ऑनलाइन माध्यम देना है। सरकार का जोर केवल तैयार इलेक्ट्रॉनिक सामान जोड़ने पर नहीं, बल्कि चिप बनाने में काम आने वाले उपकरण, सामग्री, पुर्जे और तकनीक देश में विकसित करने पर भी है।
12 नई परियोजनाओं में किन चीजों का निर्माण होगा?
इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम के तहत मंजूर नए प्रस्तावों में मल्टी-लेयर प्रिंटेड सर्किट बोर्ड, रिले, हीट सिंक और विशेष सिरेमिक जैसे पुर्जे शामिल हैं। आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े उत्पादों में कॉपर फॉइल, बैटरी सेल के लिए एनोड सामग्री और कैथोड एक्टिव सामग्री, पॉलीप्रोपाइलीन फिल्म तथा कैमरा रिम शामिल हैं। कुछ प्रस्ताव कारखानों में इस्तेमाल होने वाली मशीनों और उनके हिस्सों से जुड़े हैं।
इन 12 प्रस्तावों से ₹39,045 करोड़ के उत्पादन और 7,127 प्रत्यक्ष नौकरियों का अनुमान लगाया गया है। परियोजनाएं गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश में फैली हैं। कॉपर फॉइल, कैथोड एक्टिव सामग्री और विशेष सिरेमिक के लिए इस योजना में पहली बार मंजूरी दी गई है।
अब तक कितनी परियोजनाओं को मंजूरी मिली?
सरकार के अनुसार, नई मंजूरियों के बाद ECMS के तहत कुल 118 आवेदन स्वीकृत हो चुके हैं। ये 16 राज्यों में 34 उत्पादों से जुड़े हैं। इन सभी प्रस्तावों में कुल ₹77,051 करोड़ के निवेश, ₹5,73,146 करोड़ के संभावित उत्पादन और 81,755 प्रत्यक्ष रोजगार का अनुमान है। ये अनुमानित आंकड़े हैं; इन्हें पहले से हो चुका निवेश या तैयार हो चुकी नौकरियां नहीं समझना चाहिए।
पहले चरण के Semicon India Programme में 12 परियोजनाओं को छह राज्यों में मंजूरी मिली थी। अक्टूबर 2026 तक इनमें से पांच परियोजनाओं में व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो चुका था। इससे संकेत मिलता है कि मंजूरी के बाद कारखाने लगाने और उत्पादन शुरू करने में समय लगता है।
आम लोगों और उद्योग को क्या फायदा हो सकता है?
मोबाइल फोन, वाहन, कंप्यूटर, संचार उपकरण और कई औद्योगिक मशीनों में सेमीकंडक्टर चिप और इलेक्ट्रॉनिक पुर्जे जरूरी होते हैं। देश में इनका उत्पादन बढ़ने से आयात पर निर्भरता घटाने, स्थानीय कंपनियों को नए अवसर देने और तकनीकी कौशल वाले रोजगार तैयार करने में मदद मिल सकती है। हालांकि इसका असर तभी दिखेगा जब स्वीकृत परियोजनाएं तय समय पर कारखाने लगाकर उत्पादन शुरू करेंगी।
भारत में सौर उपकरणों और इलेक्ट्रॉनिक्स की घरेलू आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ी खबर यहां पढ़ें। तकनीक से जुड़ी अन्य खबरों के लिए RiseIndia24 का टेक्नोलॉजी पृष्ठ देखें।
मूल स्रोत
पत्र सूचना कार्यालय: Semicon 2.0 पोर्टल और ECMS की 12 नई मंजूरियां, 6 नवंबर 2026।
9 total views

